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जर्मनी ने दिए वॉट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी पर रोक के आदेश, क्या हम भी उठाएंगे कदम ?

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नई दिल्ली। इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप की शनिवार से लागू होने वाली नई प्राइवेसी पॉलिसी पर जर्मनी ने तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध की घोषणा कर डेटा प्रोसेसिंग पर रोक लगा दी है। वॉटसऐप ने अपनी शर्तों के साथ 'स्वीकार करो या ऐप छोड़ो' के एकाधिकारवादी रवैए को नई प्राइवेसी पॉलिसी में शामिल किया है। बड़ा सवाल कि क्या भारत में भी सरकारी स्तर पर वॉट्सऐप नीतियों पर जर्मनी की तरह रोक की पहल की जाएगी? स्वीकार करनी होगी पॉलिसी - प्राइवेसी पॉलिसी स्वीकार नहीं करने वाले यूजर्स के फीचर्स बंद होने के बाद उन्हें इसे स्वीकार करना ही पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि नई पॉलिसी के अनुसार यूजर द्वारा अपलोड, सबमिट, स्टोर, सेंड या रिसीव किए कंटेंट का कंपनी इस्तेमाल कर डेटा शेयर कर सकती है। 15 मई के बाद फीचर होने लगेंगे कम - पॉलिसी स्वीकार नहीं करने वाले यूजर्स का अकाउंट डिलीट नहीं होगा। द गार्डियन के अनुसार प्राइवेसी पॉलिसी स्वीकार नहीं करने वाले यूजर्स 15 मई के कुछ हफ्तों बाद एक-एक कर फीचर्स की सीमित उपलब्धता ही पा सकेंगे। उल्लेखनीय है कि 15 मई से लागू होने वाली नई प्राइवेसी पॉलिसी को वॉट्सऐप आधिकारिक रूप से ...

Whatsapp की प्राइवेसी पॉलिसी की 15 मई की समयसीमा समाप्त, आपका अकाउंट नहीं होगा बंद

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नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप ने अपनी विवादित प्राइवेसी पॉलिसी की समयसीमा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। यानी कि आने वाली 15 मई की समयसीमा को समाप्त कर दिया है। अब वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकार नहीं करने पर भी आपका वॉट्सऐप अकाउंट 15 मई को बंद नहीं होगा। कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा है कि जो यूजर्स उसकी नई निजता नीति की शर्तें स्वीकार नहीं करते हैं उन्हें वह अगले कई सप्ताह तक इस संबंध में याद दिलाता रहेगा, लेकिन अकाउंट को बंद नहीं किया जाएगा। फिलहाल, कंपनी ने प्राइवेसी पॉलिसी को लागू होने की नई तारीखों का ऐलान नहीं किया है। यह भी पढ़ें :- नई पॉलिसी: वॉट्सऐप से उठ गया भरोसा, 82 फीसदी भारतीय छोडऩे को तैयार वॉट्सऐप के अनुसार, यूजर्स को रिमाइंडर भेजने की यह प्रक्रिया अगले कुछ सप्ताह तक जारी रहेगी। बता दें कि पहले यह नई प्राइवेसी पॉलिसी 8 फरवरी से लागू होनी थी, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद इसे 15 मई के लिए टाल दिया था। अब एक बार फिर से वॉट्सऐप ने इस डेडलाइन को भी टाल दिया है।

पेटीएम देगा आपके वैक्सीन स्लॉट की जानकारी, ऐसे में मिलेगा आपको अलर्ट

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नई दिल्ली। डिजिटल पेमेंट ऐप पेटीएम ने Paytm Vaccine Slot Finder नाम से नया टूल लॉन्च करने का ऐलान किया है। जो आपको आपके कोविड वैक्सीन स्लॉट सर्च करने में मददगार साबित होगा। पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए कहा कि पेटीएम यूजर्स को अपने एरिया में वैक्सीनेशन के लिए नए स्लॉट उपलब्ध होने पर अलर्ट मिल जााएगा। पेटीएम के अनुसार कंपनी रियल-टाइम में देशभर में उपलब्ध वैक्सीन स्लॉट को ट्रैक करने का काम कर रही है। Paytm Vaccine Slot Finder के माध्यम से यूजर्स नए वैक्सीन स्लॉट ओपन होने पर स्लॉट बुक कर सकते हैं और इंस्टेंट अलर्ट पा सकते हैं।

Apple ने सोशल मीडिया ऐप पार्लर की आईओएस ऐप स्टोर पर वापसी को दी मंजूरी

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नई दिल्ली। Apple ने सोशल मीडिया ऐप पार्लर की आईओएस ऐप स्टोर पर वापसी को मंजूरी दे दी है। बेहतर तरीके से घृणा फैलाने वाली सामग्री का पता लगाने और इससे निपटने के लिए कंपनी की ओर से कुछ सुधारों के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल की ओर से अमरीकी कांग्रेस को भेजे गए एक पत्र के अनुसार, चूंकि एप्पल के प्लेटफॉर्म से जनवरी में इसकी नीतियों के उल्लंघन के लिए ऐप को हटा दिया गया था, वहीं अब पार्लर ने अपने ऐप और ऐप की सामग्री मॉडरेशन प्रैक्टिस के लिए अपडेट प्रस्तावित किया है। यह भी पढ़ेंः- सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जीएसटी कानून के तहत बैंक खाते व संपत्ति को जब्त करने का आदेश काफी कठोर पार्लर में किया गया अपडेट विदेशी मीडिया की ओर से दी जानकारी के अनुसार 14 अप्रैल को ऐप्पल की ऐप समीक्षा टीम ने पार्लर को बताया है कि इसके प्रस्तावित बदलाव पर्याप्त हैं। एप्पल की ओर लिखे गए पत्र में कहा गया है कि एप्पल का अनुमान है कि अपडेट की गई पार्लर ऐप तुरंत ही पार्लर को रिलीज करने पर उपलब्ध हो जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि फेसबुक और ट्विटर के विकल्प के तौर पर पहचाने जाने वाले पार्लर को...

इस फर्जी ऐप से सावधान रहें iphone यूजर्स, इस शख्स ने गंवाई जिंदगीभर की कमाई

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एंड्रॉयड फोन में यूजर्स गूगल प्ले स्टोर से ऐप इंस्टॉल करते हैं। वहीं आईफोन यूजर्स ऐप स्टोर से, लेकिन कई बार लोग असली और फेक ऐप्स में पहचान नहीं कर पाते। ऐप स्टोर पर यूजर्स को भरोसा होता है कि वहां उन्हें सही ऐप ही मिलेगी। लेकिन कई बार वहां फर्जी ऐप्स भी आ जाती हैं, जिनकी पहचान करना भी आसान नहीं होता। ऐसे में अगर यूजर कोई फर्जी ऐप इंस्टॉल कर ले तो उसे बहुत भारी पड़ सकता है। ऐसा ही कुछ एक शख्स के साथ हुआ। उसने ऐप स्टोर से अपने आईफोन में एक फर्जी ऐप इंस्टॉल कर ली और उसका नतीजा यह हुआ कि उसके जीवनभर की कमाई एक झटके में साफ हो गई। यह ऐप की थी इंस्टॉल वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, फिलिप क्रिस्टोडौलू नाम के एक व्यक्ति ने अपना बिटकॉइन बैलेंस चेक करने के लिए ऐप स्टोर से अपने आईफोन में Trezor ऐप इंस्टॉल किया। जब उसने ऐप स्टोर पर Trezor नाम का ऐप सर्च किया तो उसके सामने एक लिस्ट आई। फिलिप ने Trezor का ही लोगो वाली ऐप को इंस्टॉल कर लिया। साथ ही उसने भरोसे में बिना कुछ सोच ऐप में अपनी डिटेल्स भी भर दी। वह एक फर्जी ऐप थी और इससे फिलिप के अकाउंट से करीब 4.3 करोड़ रुपए उड़ गए। यह भी पढ़ें— ...

FB-Insta-WhatsApp डाउन होने से Signal-Twitter की मौज, इस आउटेज से जुड़ी 7 बड़ी बातें

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नई दिल्ली। दुनिया के प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, वाट्सऐप, इंस्टाग्राम और मैसेंजर शुक्रवार रात भारत समेत तमाम देशों में लाखों यूजर्स के लिए एक घंटे से भी कम वक्त तक बंद रहे। वाट्सऐप और फेसबुक ने बाद में एक ट्वीट में पुष्टि की कि उसने अपनी सेवाएं बहाल कर दी हैं। ट्विटर पर एक पोस्ट में वाट्सऐप ने लिखा, "आपके धैर्य के लिए धन्यवाद, यह 45 मिनट लंबा था लेकिन हम वापस आ गए हैं! #WhatsAppDown

Koo से बाहर निकली चीनी कंपनी, पूर्व क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ सहित इन दिग्गजों ने खरीदी हिस्सेदारी

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बेंगलुरु। ट्विटर के मुकाबले में उतरी भारतीय ऐप कू अब पूरी तरह से भारतीय हो गई है। भारत के माइक्रो ब्लॉगिंग मंच कू और ज्ञान आधारित ऐप वोकल की मूल कंपनी बॉम्बिनेट टेक्नोलॉजीज के मौजूदा निवेशकों और कुछ भारतीयों ने इस कंपनी में चीन स्थित शुनवेई कैपिटल की अल्पांश हिस्सेदारी को खरीद लिया है। Video: स्वदेशी ऐप Koo को लेकर WhatsApp को सता रही ये चिंता शुनवेई कैपिटल की हिस्सेदारी खरीदने वालों में पूर्व भारतीय क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ, बुकमायशो के संस्थापक आशीष हेमराजानी, उड़ान के सह-संस्थापक सुजीत कुमार, फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति और जेरोधा के संस्थापक निखिल कामत शामिल हैं। कंपनी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि शुनवेई कैपिटल के पास बॉम्बिनेट टेक्नोलॉजीज में नौ फीसदी से अधिक हिस्सेदारी थी। श्रीनाथ ने कहा, "बात यह है कि वे इंटरनेट पर भारतीय भाषा के यूजर्स की आवाज को लाने के लिए एक मंच बना रहे हैं, जो सराहनीय है और एक भारतीय के रूप में मैं उन्हें अपना समर्थन पूरे दिल से देता हूं।" डेटा लीक और चीनी निवेश विवाद के बीच Google Play Store पर टॉप फ्री ऐप बना Koo, यहां जानिए डि...